सातवां वेतन आयोग: यूनियन की चली तो अधिकतम एच.आर.ए. रु.75,000 तक होगा

सातवें वेतन आयोग के भत्तों के लागू होने का केंद्र सरकार के कर्मचारी और अधिकारी को आस है कि अब उनके अच्छे दिन शीघ्र आने वाले हैं. कार्मिकों के कुछ वर्ग को यह भी आस है कि सरकार यूनियन के मांग पर भी सकारात्मक रूख दिखा सकती है. जे.सी.एम. ने सरकार से मांग की है कि एच.आर.ए. के छठे वेतन आयोग के दर को कम नहीं किया जाए और सातवें वेतन आयोग में भी एच.आर.ए. के दर को एक्स, वाई और जेड श्रेणी के शहरों के लिए क्रमश: 30, 20 और 10 प्रतिशत ही रखा जाए.  

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अपने इस मांग की वैधता के लिए जे.सी.एम. स्टाफ साईड ने एक विस्तृत मेमोरेण्डम सरकार को भेजा था जिसमें तथ्य और आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि एच.आर.ए. का दर सातवें वेतन आयोग 24,16 और 8 प्रतिशत सिफारिश के अनुसार न रखा जाए. कर्मचारियों के सभी यूनियन इस मांग पर एकमत हैं कि सातवें वेतन आयोग में एच.आर.ए. के दर को एक्स, वाई और जेड श्रेणी के शहरों के लिए क्रमश: 30, 20 और 10 प्रतिशत ही रखा जाए. जे.सी.एम. स्टाफ साईड के एच.आर.ए. सबंधित मांग को स्टाफन्यूज पर पढ़ने के लिए क्लिक करें. 7th CPC HRA Rate: Logic behind demand of 30%, 20%, 10% instead of 24%,16%, 8%

परमन्यूज टीम ने इस बात की गणना की है कि अगर कर्मचारी यूनियनों की मांग को अगर सरकार मानती है तब केन्द्रीय कर्मचारियों को अधिकतम 75,000 प्रतिमाह की दर से मकान किराया भत्ता मिल सकता है. पूर्ण गणना के लिए निम्नलिखित टेबल देखें: 

Pay
Band
Grade
Pay
7th
CPC
Pay
Matrix
Minimum
Pay 
Maximum
Pay
Union's Demand
X Class CityY  Class CityZ Class City
30%30%20%20%10%10%
Minimum
HRA
Maximum
HRA
Minimum
HRA
Maximum
HRA
Minimum
HRA
Maximum
HRA
PB-1
5200-
20200
18001180005690054001707036001138018005690
19002199006320059701896039801264019906320
20003217006910065102073043401382021706910
24004255008110076502433051001622025508110
28005292009230087602769058401846029209230
PB-2
9300-
34800
42006354001124001062033720708022480354011240
46007449001424001347042720898028480449014240
48008476001511001428045330952030220476015110
540095310016780015930503401062033560531016780
PB-3
15600-
39100
5400105610017750016830532501122035500561017750
6600116770020870020310626101354041740677020870
7600127880020920023640627601576041840788020920
PB-4
37400-
66700
870013118500214100355506423023700428201185021410
890013A131100216600393306498026220433201311021660
1000014144200218200432606546028840436401442021820
67000-7900015182200224100546606723036440448201822022410
67000-7900016205400224400616206732041080448802054022440
8000017225000225000675006750045000450002250022500
9000018250000250000750007500050000500002500025000

उपर दिये टेबल के अनुसार एक्स श्रेणी यानि मेट्रो शहरों के मल्टी टास्किंग स्टाफ को न्यूनतम रु. 5400 और अधिकतम रु. 17,070 प्रतिमाह मिलेगा वहीं पुराने ग्रेड पे 4200 अब वेतन मैट्रिक्स लेवल 5 के कर्मचारियों को न्यूनतम रु. 10,620 अधिकतम रु.33,720 तक की राशि मकान किराये भत्ते मिल सकेगा. एक ग्रुप ए अधिकारी सेवा में आने के समय एक्स श्रेणी की शहरों के लिए रु. 16,830, वाई श्रेणी की शहरों के लिए रु. 11,220 तथा जेड श्रेणी की शहरों के लिए रु.5,610 की राशि मकान किराए भत्ते के रूप में प्राप्त कर सकेगा.

अगर हम वर्तमान में होम लोन की किश्तों पर नजर डालें तो प्रति लाख रूपये के लिए करीब 1 हजार रूपये प्रतिमाह किश्त के रूप में अदा करना पड़ता है. यानि केन्द्र सरकार के कम वेतन श्रेणी में कार्यरत एक सामान्य कर्मचारी रु.10 लाख का ऋण अपने मकान के सपने को पूरा करने के लिए आसानी से ले सकेगा. सातवें वेतन आयोग के संशोधित एच.आर.ए. का इंतजार केन्द्र सरकार के सभी वर्ग के कर्मचारी कर रहे हैं. एच.आर.ए. में बढ़ोतरी उनके अच्छे आवास के किराये की अदायगी के लिए आवश्यक तो है ही साथ ही साथ नए ​मकान खरीदने या गृह ऋण की किश्त की अदायगी के लिए भी आवश्यक है. वर्तमान सरकार की योजनाओं की चर्चा करें तो सरकार के 'सबको आवास' योजना के लिए भी एच.आर.ए. में उचित बढ़ोतरी जरूरी है.

परंतु लाख टके का सवाल यह भी है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिश या यूनियन के मांग के अनुसार मकान किराये भत्ते को सरकार कब और किस तिथि से लागू करेगी? क्या सरकार कर्मचारियों के मांग के अनुसार 01.01.2016 से भत्तों पर एरियर देगी? इसके लिए परमन्यूज से जुड़े रहें अगले पोस्ट में सरकार की मंशा का विश्लेषण दिया जाएगा.

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