सातवां वेतन आयोग: रेलकर्मी की मांग न्यूनतम वेतन को 18000 से बढ़ाकर 23000 करे

ऑलइंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा का कहना है कि सातवें वेतन आयोग को लागू कर सरकार भले ही वाहवाही ले रही है लेकिन कर्मचारियों को उनकी मेहनत और हक का पूरा वेतन नहीं मिल रहा है. हम हक दिलाकर रहेंगे. सरकार और रेलवे मंत्रालय पर लगातार दबाव के बाद अब सरकार ने भत्तों के लिए बनी कमेटियों की रिपोर्ट जल्द मंगवा कर परीक्षण करवाने का आश्वासन दिया है. मिश्रा ने बुधवार को नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन के हॉल रेलवे एम्पलाइज को-ऑपरेटिव बैंकिंग सोसायटी के एटीएम का उद्घाटन करते हुए कर्मचारियों की सभा को संबोधित किया तथा उन्हें उनकी मेहनत और हक का पूरा वेतन दिलवाने का आश्वासन दिया.

7th-cpc-minimum-pay-23000-railway-employee-demand

इधर दूसरी ओर, पाकुड़ स्टेशन परिसर स्थित ईस्टन रेलवे मेंस यूनियन की बैठक शाखा कार्यालय में कार्यसमिति के सदस्यों एवं सभासदों के साथ की गई. बैठक की अध्यक्षता संजय कुमार ओझा ने किया. मौके पर मुख्य रूप से मेन्स यूनियन के कोलकाता के सहायक महासचिव लावण्य कुमार बनर्जी एवं संगठन सचिव सुभासीष राय मौजूद थे.

बैठक में आगामी द्विवार्षिक साधारण सभा पाकुड़ शाखा को लेकर बिंदुवार चर्चा की गई. साथ ही सातवां वेतन आयोग से संबंधित लंबित मांगों एवं गठित कमेटी की सिफारिश से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की गई. साथ ही आवास भत्ता, परिवार नियोजन भत्ता एवं न्यूनतम वेतन को 18000 से बढ़ाकर 23000 करने मांग एआइआरएफ रेलवे बोर्ड के समक्ष उठाये जाने की जानकारी दी गई. बैठक के दौरान रेल कर्मियों ने अपने-अपने डीपो में होने वाली परेशानियों को भी रखा.

साथ ही, आकस्मिक घटना में घायल रेल कर्मियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु अलग कोष की व्यवस्था करने की मांग भी रखी गयी.

No comments