सीधी भर्ती में भूतपूर्व सैन‍िकों के ल‍िए आरक्षण के न‍ियम का पालन करें, वित्‍त मंत्रालय ने आदेश जारी किया

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने भूतपूर्व सैन‍िकों के हितो के कल्याण के लिए नए आदेश जारी करते हुए कहा है कि सभी केंद्रीय सिविल सेवा के सीधी भर्ती में भूतपूर्व सैन‍िकों के ल‍िए आरक्षण के न‍ियम का पालन आवश्यक रूप से किया जाए.

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कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डी ओ पी टी) द्वारा जारी किए गए नये आदेश के अनुसार, अब केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में सभी केंद्रीय सिविल सेवा और 'ग्रुप सी' और 'ग्रुप डी' पदों तथा सभी पैरा-मिलिट्री फोर्सेज में सहायक कमांडेंट के स्तर तक के पदों पे सीधी भर्ती में भूतपूर्व सैन‍िकों के ल‍िए आरक्षण के न‍ियम का पालन करना आवश्यक हो जायेगा.

बता दे कि, पैरा-मिलिट्री फोर्सेज का मतलब सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, केंद्रीय-औद्योगिक सुरक्षा बल, सचिवालय सुरक्षा बल, असम राइफल्स और रेलवे सुरक्षा बल होता है. 

केंद्र सरकार हमेशा से भूतपूर्व सैनिकों की देखभाल करने के लिए विभिन्न योजनाओ तथा विभिन्न सेवाओं में छुट प्रदान कर उनके कल्याण का प्रयास रहा है, 

भूतपूर्व सैनिकों को, आरक्षण के संदर्भ में विभिन्न छूट प्रदान की गई हैं, जैसेकि रिक्त पदों में छूट, आयु सीमा में छूट, योग्यता मानक में छूट, नियुक्ति में प्राथमिकता आदि. 

इसके अलावा, केन्द्रीय सरकार की सेवाओं में होने वाली रिक्त पदों में से कुछ प्रतिशत पूर्व सैनिक के लिए रिसर्व होता है तथा उनके द्वारा भरने का प्रावधान किया गया है. 15 दिसंबर, 1979 में एक सैनिक के रूप में पूर्व सैनिकों की भर्ती को विनियमित करने तथा उनके पुनर्वास के प्रावधान के लिए प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 309, पूर्व सैनिक (केंद्रीय सिविल सेवा और पदों में पुन: रोजगार) नियम, 1979 को अधिसूचित किया गया था, साथ ही इसका समय-समय पर भी संशोधन किया जाता रहा. पूर्व सैनिकों के पक्ष में विभिन्न छुट के संवंध में अलग-अलग मामलों को स्पष्ट करने के लिए कार्यालय ज्ञापन भी जारी किया गया है.

ज्ञातव्‍य है कि सैन‍िको पे देश की सुरक्षा की जिम्मेवारी होती है तथा जब जब भी पूर्व सैनिकों की चर्चा होती है तो उनके सैनिक जीवन के त्याग साहस, शोर्य पराक्रम, वीरता, बलिदान, अनुशासन, देशभक्ति की बात अवश्य आती है. भूतपूर्व सैनिक अपनी सेवा कोशल एवं योगदान का उपयोग समस्त समाज के साथ मिलकर सामाजिक जीवन को उच्च शिखर तक ले जाने तथा राष्ट्र को परम वैभव के शिखर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है .इसीलिए केंद्र सरकार को, एक सैनिक के रूप में पूर्व सैनिकों की भर्ती को विनियमित करने तथा उनके पुनर्वास के प्रावधान करने तथा भूतपूर्व सैनिकों की देखभाल करने के लिए विभिन्न योजनाओ तथा विभिन्न सेवाओं में छुट प्रदान करने आदि की जिम्मेवारी लेना सहारनीय है.

भूतपूर्व सैन‍िकों के ल‍िए आरक्षण के न‍ियम का आदेश पढने के लिए http://www.staffnews.in/2014/03/reservation-concessions-and-relaxations.html के लिंक को क्लिक करें.

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