केंद्र के रडार पर 67 हजार अफसर: Govt looks to eliminate deadwood staff

"सरकार का रुख उच्चस्तरीय दक्षता को बढ़ावा देना व भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने का है. केंद्र ईमानदार अफसरों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना चाहता है," जितेंद्र सिंह, केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री.

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नई दिल्ली 19 मई 2017: केंद्र सरकार के रडार पर 67 हजार अफसर है. केंद्र सरकार ने खराब प्रदर्शन वाले कर्मचारियों की पहचान शुरू कर दी है. 

आईएएस, आईपीएस समेत 67 हजार अफसर केंद्र के रडार पर हैं. इन सभी के सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है.

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के एक वरिष्ठ अफसर के अनुसार यह प्रक्रिया सेवा तथा शासन प्रणाली को बेहतर बनाने का प्रयास है. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि इनमें से लगभग 25,000 कर्मचारी अखिल भारतीय तथा समूह-ए सेवाओं से हैं. इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय राजस्व सेवा आदि के अफसर भी आते हैं.

ताजा आंकड़ों के अनुसार केंद्र सरकार के कुल 48.85 लाख कर्मचारी हैं. कानून के मुताबिक, एक सरकारी कर्मचारी के प्रदर्शन की समीक्षा दो बार होती है. एक बार जब उसे नौकरी के 15 साल हो जाएं और दूसरा 25 साल की सेवा के बाद.
बतादे की खराब प्रदर्शन वाले 129 कर्मचारियों को सरकार ने पिछले एक साल में अनिवार्य रिटायरमेंट दिया है. 

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