बौद्धिक और विकास की दृष्टि से अशक्‍त लोगों के जीवन में परिवर्तन के लिए समावेशी भारत पहल-2017 आयोजित

बौद्धिक और विकास की दृष्टि से अशक्‍त लोगों के जीवन में परिवर्तन के लिए समावेशी भारत पहल-2017 आयोजित

सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्री श्री थावर चंद गहलोत ने कहा है कि सरकार दिव्‍यांगजनों के कल्‍याण के लिए संकल्‍पबद्ध है. उन्‍होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में दिव्‍यांगजनों के कल्‍याण के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं.

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उन्‍होंने कहा कि बौद्धिक और विकास की दृष्टि से अशक्‍त लोगों को समाज की मुख्‍य धारा में शामिल करना आवश्‍यक है और ऊंचे संकल्‍प के साथ यह लक्ष्‍य प्राप्‍त किया जा सकता है. श्री गहलोत ओटिज्‍म, सेरेब्रल पालसी, मंदबुद्धि और अनेक अशक्‍तताओं से जूझ रहे लोगों के कल्‍याण के लिए बने नेशनल ट्रस्‍ट द्वारा आयोजित समावेशी भारत पहल 2017 को संबोधित कर रहे थे. उन्‍होंने कहा कि सरकार की कल्‍याण योजनाओं को अधिक से अधिक दिव्‍यांगजनों तक पहुंचाने के लिए दिव्‍यांगजनों की श्रेणी 7 से बढ़ाकर 21 कर दी गई है.

पहली बार दिव्‍यांगजनों के लिए मैट्रिक पूर्व, मैट्रिक के बाद और विदेशी छात्रवृत्ति शुरू की गई है. दिव्‍यांगजनों को सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत आरक्षण और उच्‍च शिक्षा में 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उन्‍होंने नेशनल ट्रस्‍ट के प्रयासों की सराहना की.

सूचना और प्रसारण तथा कपड़ा मंत्री श्रीमती स्‍मृति ईरानी ने कहा कि दिव्‍यांगजनों के माता-पिता और परिजनों की काउंसलिंग बहुत महत्‍वपूर्ण है. उन्‍होंने कहा कि सरकार की विभिन्‍न कल्‍याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल करना दिव्‍यांगजनों के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण है. इसके लिए समावेशी सूचना आवश्‍यक है. उन्‍होंने कहा कि दिव्‍यांगजनों के लिए कल्‍याणकारी उपायों के बारे में ग्रामीण क्षेत्रों समेत देश के शिक्षा संस्‍थानों को संवेदी बनाया जाना चाहिए. उन्‍होंने कहा कि दिव्‍यांगजनों के लिए कैरियर काउंसलिंग को महत्‍व दिया जाना चाहिए. उन्‍होंने कहा कि इसके लिए प्रधानमंत्री की मुद्रा योजना का इस्‍तेमाल करना चाहिए. उन्‍होंने दिव्‍यांगजनों से संबंधित योजनाओं को प्रचारित करने के लिए दूरदर्शन और आकाशवाणी सहित सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सहयोग का आश्‍वासन दिया.

समारोह में राज्‍य सभा सांसद श्री विनय सहस्रबुद्धे, नेशनल ट्रस्‍ट के अध्‍यक्ष श्री कमलेश कुमार पांडेय और नेशनल ट्रस्‍ट के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी श्री मुकेश जैन उपस्थित थे. इस सम्‍मेलन में सुगम्‍य भारत अभियान के ब्रांड एंबेसेडर श्री विवेक ओबराय, द प्रिंट के अध्‍यक्ष और मुख्‍य संपादक श्री शेखर गुप्‍ता, संयुक्‍त राष्‍ट्र के रेजिडेंट कोरडिनेटर और यूएनडीपी के स्‍थानीय प्रति‍निधि श्री यूरी अफनासिव, 2016 की पैरा ओल्‍मपिक चैंपियन श्रीमती दीपा मलिक, भारतीय दृष्टिहीन क्रिकेट टीम के श्री शेखर नाइक, लेमन ट्री होटल के अध्‍यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री पटटू केसवानी, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन के निदेशक श्री विपिन कुमार, 2014 की यूपीएससी की दिव्‍यांग टॉपर सुश्री ईरा सिंघल तथा फिल्‍म निर्माता और शायर श्री मुजफ्फर अली भी शामिल हुए.

समावेशी भारत पहल नेशनल ट्रस्‍ट का जन चेतना अभियान है और इसका उद्देश्‍य बौद्धिक और विकास की दृष्टि से अशक्त व्‍यक्तियों के लिए बाधाओं में कमी लाना है. इसे अशक्त लोगों के अधिकारों के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र समझौता (यूएनसीआरपीडी) के साथ जोड़ा गया है ताकि स्‍कूलों और कॉलेजों, समुदाओं और कार्य स्‍थलों में बौद्धिक और विकास की दृष्टि से अशक्त व्‍यक्तियों की पूरी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके. 6.6.2017 को सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्री श्री थावर चंद गहलोत ने इसे लांच किया था और तब से नेशनल ट्रस्‍ट शिक्षा रोजगार और सामुदायिक जीवन जैसे मूल क्षेत्रों में यह अभियान चला रहा है.

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