Saturday, 8 February 2020

Equal Pay for Equal Work समान कार्य के लिए समान वेतन : Lok Sabha QA

Equal Pay for Equal Work समान कार्य के लिए समान वेतन : Lok Sabha Question

Equal+pay+for+equal+work+loksabha

GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF PERSONNEL, PUBLIC GRIEVANCES 
AND PENSIONS (DEPARTMENT OF PERSONNEL & TRAINING)
LOK SABHA

UNSTARRED QUESTION NO. 505

ANSWERED ON 05.02.2020

EQUAL PAY FOR EQUAL WORK


SHRI VISHNU DAYAL RAM
Will the PRIME MINISTER be pleased to state

(a) whether all Government Departments/PSUs/ Corporations under the Central Government are complying with the Delhi High Court order regarding ‘Equal Pay for Equal Work’ for casual workers;

(b) if not, the details thereof; and

(c) the action taken by the Government to rectify the situation?

ANSWER

MINISTER OF STATE IN THE MINISTRY OF PERSONNEL, PUBLIC GRIEVANCES AND PENSIONS AND MINISTER OF STATE IN THE PRIME MINISTER’S OFFICE

(DR. JITENDRA SINGH)

(a) to (c) In compliance of the order of the Hon’ble Delhi High Court in case of M/s Suman Forwarding Agency Pvt. Ltd, Department of Personnel & Training has issued O.M. dated 04.09.2019 reiterating the provisions of the earlier O.M. dated 07.06.1988, which are as follows:
READ  Equal pay for Equal Work for Casual workers: Compliance with earlier instructions and Hon'ble Court's Judgement
Where the nature of work entrusted to the casual workers and regular employees is the same, the casual workers may be paid at the rate of 1/30th of the pay at the minimum of the relevant pay scale, plus dearness allowance for work of eight hours a day.

In cases where the work done by a casual worker is different from the work done by a regular employee, the casual worker may be paid only the minimum wages notified by the Ministry of Labour & Employment or by the State Government/ Union Territory Administration, whichever is higher, as per the Minimum Wages Act, 1948.

The provisions are applicable to all Ministries/Departments.

भारत सरकार
कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय
(कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)
लोक सभा

अतारांकित प्रश्न संख्या: 505

दिनांक 05.02.2020 को उत्तर के लिए

समान कार्य के लिए समान वेतन

श्री विष्णु दयाल्र राम
क्या प्रधान मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः
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(क) कया केंद्र सरकार के अधीन सभी सरकारी विभाग/सरकररी क्षेत्र के उपक्रम/निगम नैमित्तिक कर्मचारियों के लिए ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ के संबंध में दिल्‍ली उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन कर रहे हैं;

(ख) यदि नहीं, तो तत्संबंधी ब्योरा क्या है; और

(ग) सरकार द्वारा स्थिति को स॒धारने के लिए क्‍या कार्यवाही की गई है?

उत्तर

कार्मिक,, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री

(डॉ. जितेन्द्र सिंह)

(क) से (ग)  मैसर्स सुमन फोरवर्डिंग एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड के मामले में माननीय दिल्‍ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने दिनांक 04.09.2019 को कार्यालय ज्ञापन जारी किया जिसमें दिनांक 07.06.1988 के पूर्ववर्ती कार्यालय ज्ञापन के प्रावधानों की पुनरावृत्ति की गई है जो कि इस प्रकार से है:

जहां अनियत कामगारों (कैजुअल लेबर) को सौंपे गए कार्य और नियमित कर्मचारियों (रैेग्युलर एम्प्लाई) को सुपुर्द किए गए कार्य की प्रकृति एक जैसी है, वहां अनियत कामगारों (कैजुअल लेबर) को दिन के 8 घंटे के कार्य हेतु संबंधित वेतनमान के न्यूनतम 1/30वें की दर पर वेतन और मंहगाई भत्ते का भुगतान किया जाए।
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उन मामलों में अनियत कामगार (कैजुअल लेबर) को न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के अनुसार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय अथवा राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा अधिसूचित न्यूनतम वेतन, दोनों में से जो भी उच्च हो, का भुगतान किया जा सकता है जहां अनियत कामगार (कैजुअल लेबर) द्वारा किए जाने वाले कार्य नियमित कर्मचारी (रैग्युलर एम्प्लाई) द्वारा किए जाने वाले कार्य से भिन्‍न है।

यह प्रावधान सभी मंत्रालयों/विभागों पर लागू होंगे।

Source:  Eng.- http://164.100.24.220/loksabhaquestions/annex/173/AU505.pdf

Hindi –  http://164.100.24.220/loksabhaquestions/qhindi/173/AU505.pdf

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